गेथाती

खेम्दीके नाङखार (मगर खाम कविता)

तिलक मगर
१५ चैत्र २०८०, बिहीबार

आजु आछीम का माभुई नाङखारल
कोचै झीमल मी माकुई नाङखारल
जुचा जुचाउ वाई लिज्यार झिमयाल
हुचुके धर्मीर हैलीक सु माहुई नाङखारल ।

कै अताउ गे नाङखार आछीम
माके सन पार गे झुई नाङखारल
सर्गले तेचुके नामनी पाचुके है
गे जुचा जुचाउ गेमाधुई नाङखारल

मिजार कान्छा कतारा नवाउ
हिदी चौताराल नमफुई नाङखारल ।

०००
रुकुम (पूर्वी भाग)